Amazon दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स साइट है और भारत में भी करोड़ों ग्राहक हर दिन यहाँ खरीदारी करते हैं। Amazon India पर लगभग 2,18,000 सक्रिय विक्रेता हैं जो 168 मिलियन से अधिक उत्पाद बेच रहे हैं। ऐसे विशाल प्लेटफ़ॉर्म पर अपने उत्पादों की दृश्यता बढ़ाने के लिए विशेष रणनीतियाँ अपनानी होती हैं। उदाहरण के लिए, Amazon का खोज एल्गोरिदम (A10) उन लिस्टिंग को प्राथमिकता देता है जिनका सेल्स प्रदर्शन बेहतर होता है तथा जिनपर सकारात्मक समीक्षाएँ होती हैं। उच्च-रूपांतरण वाली लिस्टिंग, अच्छे कीवर्ड्स, उचित मूल्य और तेज़ डिलीवरी प्राथमिकता पाते हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए, आगे हम देखेंगे कि Amazon पर सफल मार्केटिंग के लिए किन-किन बिंदुओं पर काम करना चाहिए।
कुछ मूल बातें
Amazon पर मार्केटिंग शुरू करने के लिए पहले एक विक्रेता खाता (Seller Account) बनाना होता है। इसके लिए आपको Amazon Seller Central पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। एक बार खाता बनने के बाद आप अपने उत्पादों की लिस्टिंग बना सकते हैं। प्रत्येक उत्पाद के लिए विवरण (शीर्षक, विवरण, मुख्य विशेषताएँ, मूल्य, इमेज आदि) भरना होता है। ध्यान रखें कि उत्पाद शीर्षक और विवरण में जरूरी कीवर्ड शामिल करें, ताकि Amazon की खोज में आपके प्रोडक्ट सही ग्राहकों तक पहुंचे।
इसके अलावा पूर्ति विधि (Fulfillment method) भी महत्वपूर्ण है। यदि आप FBA (Fulfilled by Amazon) चुनते हैं, तो आपका माल Amazon के वेयरहाउस में रखेगा और Amazon स्वयं डिलीवरी करेगा। इससे डिलीवरी तेज होती है और प्राइम डिलिवरी का लाभ मिलता है, जिससे लिस्टिंग की रैंकिंग और रूपांतरण दर दोनों सुधर सकती है। वहीँ FBM (Fulfilled by Merchant) में आप खुद से शिपिंग करेंगे। शुरुआत में छोटे विक्रेता अक्सर FBM से शुरू करते हैं, लेकिन जैसे-जैसे बिक्री बढ़े, FBA से सुविधाएँ बढ़ जाती हैं।
एक और मूल बात है ब्रांड रजिस्ट्री (Brand Registry)। यदि आपके प्रोडक्ट्स किसी ब्रांड के तहत आते हैं, तो Amazon Brand Registry में नामांकन कराने से आपको विशेष लाभ मिलते हैं। उदाहरण के लिए, आप A+ कंटेंट बना सकते हैं जिसमें रिच इमेज, वीडियो, इन्फोग्राफिक्स आदि शामिल होते हैं। आप एक कस्टम स्टोरफ़्रंट तैयार कर सकते हैं जहाँ अपने ब्रांड के सभी उत्पाद एक जगह दिखाएँ। साथ ही नकली और कॉपी प्रोडक्ट्स से सुरक्षा मिलती है। इन बुनियादी व्यवस्थाओं को समझकर सेटअप करने के बाद हम आगे मार्केटिंग के विभिन्न तरीकों को देखेंगें।
मार्केटिंग के तरीके
Amazon पर अपने उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए कई मार्केटिंग विकल्प उपलब्ध हैं। निम्नलिखित मुख्य तरीकों पर ध्यान दें:
एसईओ-अनुकूलित लिस्टिंग: Amazon की खोज प्रणाली (A10) को ध्यान में रखते हुए, अपनी लिस्टिंग को SEO के अनुकूल बनाएं। इसके लिए सबसे पहले प्रासंगिक कीवर्ड रिसर्च करें और उन्हें उत्पाद के शीर्षक, बुलेट पॉइंट्स, तथा विवरण में शामिल करें। उदाहरण के लिए, आपके प्रोडक्ट के मुख्य शब्द जैसे “बच्चों की किताब” या “ब्लूटूथ स्पीकर” इत्यादि शीर्षक में होने चाहिए। शीर्षक को जानकारीपूर्ण और संक्षिप्त रखें तथा Amazon की वर्ण सीमा का पालन करें। बुलेट पॉइंट्स में उत्पाद के लाभ और USP (अनन्य विक्रय बिंदु) को हाइलाइट करें। साथ ही, उच्च गुणवत्ता वाली छवियाँ और वीडियो लगाएँ, क्योंकि स्पष्ट और प्रोफ़ेशनल इमेजेज़ और डेमो वीडियो ग्राहकों का विश्वास बढ़ाते हैं तथा क्लिक-थ्रू और रूपांतरण दर में सुधार करते हैं। कुल मिलाकर, एक अच्छी तरह से ऑप्टिमाइज़ की गई लिस्टिंग अधिक ट्रैफ़िक खींचती है और बिक्री बढ़ाती है।
प्रायोजित विज्ञापन (Sponsored Ads): Amazon अपने भीतर कई तरह के विज्ञापन विकल्प प्रदान करता है। सबसे सामान्य हैं Sponsored Products (वस्तु-आधारित विज्ञापन) और Sponsored Brands (ब्रांड-आधारित विज्ञापन)। Sponsored Products आपके चुनिंदा उत्पाद को खोज परिणामों और प्रोडक्ट पेज पर दिखाते हैं, जिनका भुगतान प्रति-क्लिक (CPC) के आधार पर होता है। इन विज्ञापनों से 10% तक की उच्च रूपांतरण दर प्राप्त होती है। Sponsored Brands में आप एक बैनर टाइप विज्ञापन में अपने ब्रांड का लोगो और एक से अधिक उत्पादों को दिखा सकते हैं। इसके अतिरिक्त Sponsored Display विज्ञापन उन ग्राहकों को दोबारा टार्गेट करने में मदद करते हैं जिन्होंने पहले आपके प्रोडक्ट देखे थे। Amazon DSP प्लेटफ़ॉर्म के जरिए आप डिस्प्ले और वीडियो विज्ञापनों से ब्रांड अवेयरनेस बढ़ा सकते हैं। इन सभी विकल्पों के माध्यम से आप अपने उत्पाद को उन ग्राहकों के सामने ला सकते हैं जो अन्यथा आपकी लिस्टिंग तक नहीं पहुंचे होते।
बाहरी प्लेटफ़ॉर्म से प्रचार: Amazon के बाहर भी मार्केटिंग जरूरी है। उदाहरण के लिए, Google विज्ञापन (खासकर Google Shopping Ads और PPC) से आप सीधे अपने Amazon लिस्टिंग पर ट्रैफ़िक लाकर बिक्री बढ़ा सकते हैं। साथ ही सामाजिक मीडिया प्लेटफ़ॉर्म जैसे Facebook, Instagram, और YouTube पर विज्ञापन देकर एक नया कस्टमर बेस आकर्षित किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग प्रभावी होता है: आप Instagram, YouTube या TikTok के प्रभावशाली व्यक्ति (influencers) के साथ साझेदारी कर अपने उत्पाद प्रमोट करा सकते हैं। इन तरीकों से आपके पेज पर बाहरी ट्रैफ़िक बढ़ता है, जो Amazon के एल्गोरिदम में रैंकिंग सुधारने में सहायक होता है।
ब्रांड रजिस्ट्री और स्टोरफ़्रंट: पहले जिस तरह से हमने बात की थी, Brand Registry में रजिस्ट्रेशन करने पर आप Amazon की तरफ से विशेष टूल्स पा जाते हैं। आप A+ कंटेंट बना सकते हैं जो उत्पाद पेज को आकर्षक विजुअल और टेबल्स के साथ सजाता है। इसी तरह स्टोरफ़्रंट में एक मल्टी-पेज वर्चुअल स्टोर बनाकर पूरे ब्रांड का कलेक्शन दिखा सकते हैं। इन सबका फायदा यह होता है कि आपका ब्रांड प्रोफेशनल दिखता है और ग्राहक आप पर भरोसा करता है।
एफिलिएट मार्केटिंग: Amazon का Affiliate प्रोग्राम (जिसे Amazon Associates कहते हैं) भी एक मजबूत तरीका है। इसके तहत आप अपने उत्पादों के लिंक को अपनी वेबसाइट, ब्लॉग या सोशल मीडिया पर साझा करते हैं। जब कोई यूजर आपके इस लिंक से Amazon जाकर खरीदारी करता है, तो आपको कमीशन मिलता है। उदाहरण के लिए, आप ब्लॉग पोस्ट या YouTube वीडियो में अपने उत्पाद की समीक्षा करके साथ में यह लिंक दे सकते हैं। कमाई का यह अतिरिक्त स्रोत आपके मार्केटिंग बजट को अधिक प्रभावी बना सकता है।
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